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Vedic basics

Vedic astrology is built on a small set of foundational concepts — the Lagna, the 9 grahas, the 12 bhavas, the 27 nakshatras, the panchang, and the Vimshottari dasha. Master these and the rest of the tradition opens up. Below: every essay we have on these foundations.

  1. 01

    वैदिक ज्योतिष आज भी क्यों मायने रखता है — भले ही आप पूरी तरह विश्वास न करें

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    वैदिक ज्योतिष पर 100 निबंधों के बाद, ईमानदार समापन प्रश्न: क्या इसमें से कुछ भी मायने रखता है? उत्तर हाँ है — लेकिन शायद उन कारणों से नहीं जो अधिकांश लेख दावा करते हैं।

    Acharya Vasudev · 27 अप्रैल 2026 · 6 min read

  2. 02

    पंचांग: वैदिक काल-गणना के ५ अंग, समझाए गए

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    पंचांग का अर्थ है "पंच-अंग" — वैदिक कैलेंडर तिथि, नक्षत्र, योग, करण, और वार को जोड़ता है। हर परत भविष्यवाणी-संबंधित जानकारी जोड़ती है।

    Pandita Chitralekha · 26 अप्रैल 2026 · 6 min read

  3. 03

    जैमिनी ज्योतिष: चर कारक प्रणाली, और इसका महत्त्व

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    जैमिनी वैदिक ज्योतिष के भीतर एक समानांतर तंत्र है, जिसे ऋषि जैमिनि से सम्बद्ध माना जाता है। इसकी "चर कारक" (परिवर्तनशील सूचक) प्रणाली आपकी आत्मा-प्राथमिकताओं को भिन्न रूप से पहचानती है। यहाँ इसकी कार्यविधि।

    Jyotish Shankara · 26 अप्रैल 2026 · 7 min read

  4. 04

    काल पुरुष: ब्रह्मांडीय शरीर के अंगों के रूप में राशि-चक्र की वैदिक दृष्टि

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    वैदिक ज्योतिष १२ राशियों को एक ब्रह्मांडीय शरीर — काल पुरुष — पर मानचित्रित करता है। हर राशि एक अंग पर शासन करती है, हर भाव एक जीवन-क्षेत्र पर। यह शरीर-रचना ही वैदिक चिकित्सा-ज्योतिष का आधार है।

    Acharya Vasudev · 25 अप्रैल 2026 · 6 min read

  5. 05

    Transits vs Dasha: which matters more for predicting your year

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    Vedic prediction has two main timing engines: Vimshottari Dasha (your inner clock) and planetary transits (the cosmic weather). They interact. Here is which to weight more in different scenarios.

    Jyotish Shankara · 24 अप्रैल 2026 · 6 min read

  6. 06

    नवग्रह: वैदिक ज्योतिष के 9 ग्रह, समझाए गए

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    नौ ग्रह — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु — हर एक विशिष्ट जीवन क्षेत्र पर शासन करते हैं। यहाँ वह संरचना है जो सभी वैदिक भविष्यवाणी के अंतर्गत है।

    Acharya Vasudev · 23 अप्रैल 2026 · 7 min read

  7. 07

    लाहिड़ी अयनांश: वैदिक ज्योतिष निरयण राशिचक्र क्यों उपयोग करता है (और पाश्चात्य सायन क्यों)

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    वैदिक और पाश्चात्य ज्योतिष के बीच सबसे बड़ा अंतर राशिचक्र का आधार है। वैदिक निरयण (स्थिर तारों के सापेक्ष) उपयोग करता है। पाश्चात्य सायन (ऋतुओं के सापेक्ष)। इसका वास्तविक अर्थ क्या है।

    Acharya Vasudev · 21 अप्रैल 2026 · 6 min read

  8. 08

    चौघड़िया बनाम राहुकाल: कौन सा समय-खिड़की वास्तव में मायने रखती है

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    चौघड़िया और राहुकाल दोनों दिन के समय-खंड हैं जिन्हें वैदिक मुहूर्त परंपरा शुभ या अशुभ के रूप में चिह्नित करती है। लेकिन वे अलग चीज़ें हैं और अलग तरीक़े से पढ़े जाने चाहिए।

    Pandita Chitralekha · 19 अप्रैल 2026 · 5 min read

  9. 09

    Sankalpa: the Vedic vow that turns intention into reality

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    Before any major Vedic ritual, the practitioner makes a "sankalpa" — a formal vow of intention. The structure of the sankalpa is precise. Here is what it does and how to make one.

    Acharya Vasudev · 14 अप्रैल 2026 · 5 min read

  10. 10

    केपी पद्धति: कृष्णमूर्ति पद्धति — जब शास्त्रीय वैदिक को सूक्ष्मता चाहिए

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    केपी, के. एस. कृष्णमूर्ति द्वारा वैदिक ज्योतिष का २०वीं सदी का परिष्कार है, जो उप-स्वामी सिद्धांत से सूक्ष्म-सटीक भविष्यवाणी पर केंद्रित है। यहाँ इसका परिचय और इसके उपयोग का अवसर।

    Jyotish Shankara · 12 अप्रैल 2026 · 7 min read

  11. 11

    Planet degrees and aspects: how planets influence each other across the chart

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    In Vedic astrology, planets influence each other not just through conjunction but through specific aspect rules — drishti. Here is how each planet aspects, and why it matters.

    Acharya Vasudev · 9 अप्रैल 2026 · 6 min read

  12. 12

    लाल किताब: "ग़रीब का ज्योतिष" जिसने लाखों जीवन बदले

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    लाल किताब 20वीं शताब्दी की वैदिक-फ़ारसी संगम प्रणाली है, पूरी तरह उपायों पर केंद्रित। न महँगे रत्न, न विस्तृत पूजाएँ — घरेलू स्तर के हस्तक्षेप जो कोई भी कर सकता है।

    Pandita Chitralekha · 4 अप्रैल 2026 · 7 min read

  13. 13

    जन्म कुंडली कैसे पढ़ें: चरण-दर-चरण शुरुआती गाइड

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    पहली बार अपनी कुंडली देख रहे हैं? यहाँ एक 10-चरणीय गाइड है जो आपको लग्न से दशा तक ले जाती है — जिस क्रम में अनुभवी ज्योतिषी पढ़ते हैं।

    Jyotish Shankara · 30 मार्च 2026 · 10 min read

  14. 14

    Rahu and Ketu: the shadow planets that shape your karma

    Not actual celestial bodies but mathematical points where the Sun and Moon cross, Rahu and Ketu are the most psychologically intense forces in any chart.

    Jyotish Shankara · 26 फ़र॰ 2026 · 9 min read

  15. 15

    27 नक्षत्र: वैदिक प्रणाली की सबसे विशिष्ट परत

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    12 राशियाँ वैदिक प्रणाली का आधार हैं। 27 नक्षत्र ऊपर की परत हैं — महीन-दर्जे, अधिक भविष्यसूचक, विशेष रूप से भारतीय।

    Acharya Vasudev · 1 फ़र॰ 2026 · 8 min read

  16. 16

    १२ राशियाँ: कैसे प्रत्येक लग्न एक अलग डिफ़ॉल्ट लाता है

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    आपका लग्न वह ब्रह्मांडीय फ़्रेम है जिसके माध्यम से आपका जीवन छन कर आता है। प्रत्येक १२ राशियाँ एक विशिष्ट डिफ़ॉल्ट रखती हैं। यहाँ संक्षिप्त एटलस।

    Pandita Chitralekha · 5 जन॰ 2026 · 8 min read

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